केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज नई दिल्ली में दो दिवसीय ‘आतंकवाद विरोधी सम्मेलन-2024’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे हैं

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘आतंकवाद के विरुद्ध शून्य सहनशीलता’ की नीति को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है

आतंकवाद के सम्पूर्ण ‘पारिस्थितिकी तंत्र’ से लड़ने के लिए गृह मंत्रालय जल्द ही राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति एवं रणनीति तैयार करेगा

आतंकवाद के विरुद्ध एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र बनाने तथा उसे समाप्त करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है

अदृश्य एवं सीमाहीन हो चुके आतंकवाद से लड़ने के लिए मोदी सरकार अधिकारियों एवं सुरक्षा बलों को तकनीक से लैस कर उन्हें सक्षम बना रही है

यूएपीए मामलों में एनआईए ने लगभग 95% की सजा दर हासिल करने में सफलता प्राप्त की है

मोदी सरकार द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध उठाए गए कदमों के कारण पिछले एक दशक में आतंकवादी घटनाओं में 70% की कमी आई है

आतंकवाद के वित्तपोषण एवं क्रिप्टो जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस थानों से लेकर डीजीपी कार्यालय तक समन्वित दृष्टिकोण अपनाना होगा

आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए 25-सूत्रीय एकीकृत योजना बनाई गई, जिहादी आतंकवाद से लेकर पूर्वोत्तर में उग्रवाद, वामपंथी उग्रवाद, नकली मुद्रा एवं नशीले पदार्थों जैसे मामलों में अनेक कदम उठाए गए हैं

लड़ रही एजेंसियां आतंकवाद से निपटने के लिए जब भी आवश्यक हो, बिना किसी हिचकिचाहट के यूएपीए का इस्तेमाल करना चाहिए और जांच में एनआईए की सहायता लेनी चाहिए।

आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन राज्य जांच एजेंसियों की अपनी सीमाएं होती हैं, इसलिए सभी राज्यों को एनआईए के इस्तेमाल पर जोर देना चाहिए और आतंकवाद से लड़ने वाली एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘आतंकवाद के विरुद्ध शून्य सहनशीलता’ की नीति को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है

आतंकवाद के सम्पूर्ण ‘पारिस्थितिकी तंत्र’ से लड़ने के लिए गृह मंत्रालय जल्द ही राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति एवं रणनीति तैयार करेगा

आतंकवाद के विरुद्ध एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र बनाने तथा उसे समाप्त करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है

अदृश्य एवं सीमाहीन हो चुके आतंकवाद से लड़ने के लिए मोदी सरकार अधिकारियों एवं सुरक्षा बलों को तकनीक से लैस कर उन्हें सक्षम बना रही है

यूएपीए मामलों में एनआईए ने लगभग 95% की सजा दर हासिल करने में सफलता प्राप्त की है

मोदी सरकार द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध उठाए गए कदमों के कारण पिछले एक दशक में आतंकवादी घटनाओं में 70% की कमी आई है

आतंकवाद के वित्तपोषण एवं क्रिप्टो जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस थानों से लेकर डीजीपी कार्यालय तक समन्वित दृष्टिकोण अपनाना होगा

आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए 25-सूत्रीय एकीकृत योजना बनाई गई, जिहादी आतंकवाद से लेकर पूर्वोत्तर में उग्रवाद, वामपंथी उग्रवाद, नकली मुद्रा एवं नशीले पदार्थों जैसे मामलों में अनेक कदम उठाए गए हैं

लड़ रही एजेंसियां आतंकवाद से निपटने के लिए जब भी आवश्यक हो, बिना किसी हिचकिचाहट के यूएपीए का इस्तेमाल करना चाहिए और जांच में एनआईए की सहायता लेनी चाहिए।

आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन राज्य जांच एजेंसियों की अपनी सीमाएं होती हैं, इसलिए सभी राज्यों को एनआईए के इस्तेमाल पर जोर देना चाहिए और आतंकवाद से लड़ने वाली एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाना चाहिए।

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