
Add to favoritesग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) ने आज ईईएसएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) महिलाओं के लिए “इलेक्ट्रिक साइकिलों के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों के लिए सतत परिवहन” (स्त्री) की सुविधा प्रदान करना है। स्त्री का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को इलेक्ट्रिक साइकिलों की शुरूआत के माध्यम से हरित गतिशीलता तक पहुंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह की उपस्थिति में ग्रामीण आजीविका मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण और सीईएसएल के एमडी एवं सीईओ श्री विशाल कपूर ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बोलते हुए श्री शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि ग्रीन मोबिलिटी की यह साझेदारी ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को और बढ़ावा देगी तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप लखपति दीदियों को सक्षम बनाने में तेजी लाएगी। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए श्रीमती स्मृति शरण ने कहा कि ईईएसएल के साथ यह साझेदारी ग्रामीण उद्यमिता में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए वरदान साबित होगी। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए श्री विशाल कपूर ने कहा कि इस हस्तक्षेप के माध्यम से सीईएसएल ग्रामीण क्षेत्रों में तीन करोड़ “लखपति दीदियों” को सक्षम बनाने की सरकार की पहल का समर्थन करने के लिए उत्सुक है, जो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय हरित उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस परियोजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच आजीविका के अवसर, स्वतंत्रता और समृद्धि का निर्माण करना है, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हो। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण गतिशीलता को भीड़भाड़ से मुक्त रखना है, जिससे अंतिम मील की गतिशीलता के क्षेत्र में कार्बन मुक्तीकरण में योगदान दिया जा सके। कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) राज्य के स्वामित्व वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, जो भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का एक संयुक्त उद्यम है। सीईएसएल ऊर्जा समाधानों पर केंद्रित है जो अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और जलवायु परिवर्तन के संगम पर स्थित हैं। डीएवाई-एनआरएलएम का लक्ष्य कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों को कवर करते हुए विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में विविध अवसरों के साथ एसएचजी महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देना है। अपने लॉन्च के बाद से, डीएवाई-एनआरएलएम ने सामाजिक समावेशन, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सबसे बड़ा मंच बनाने में मदद की है।
एमओयू पर हस्ताक्षर करने के कार्यक्रम में सीईएसएल की डीजीएम सुश्री रितु सिंह और एनएमएमयू, ग्रामीण विकास मंत्रालय के श्री राजीव सिंघल और ग्रामीण विकास मंत्रालय और सीईएसएल के अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।


