मोरारजी देसाई की 129 वीं जयंती

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लोकसभा अध्यक्ष ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

मोरारजी देसाई के बारे में: उनका जन्म 29 फरवरी 1896 को हुआ था और वे छठी लोकसभा के दौरान भारत के चौथे प्रधानमंत्री (1977 से 1979) के रूप में कार्यरत रहे।

  • स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के लिये 12 वर्ष की ब्रिटिश सेवा के बाद वर्ष 1930 में उन्होंने डिप्टी कलेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया।
  • स्वतंत्रता के बाद: वर्ष 1956 में वे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री बने तथा वर्ष 1958 में  वित्त विभाग संभाला ।
    • उन्होंने कामराज योजना (वर्ष 1963) के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया, जिसमें सरकारी पदों पर बैठे वरिष्ठ काॅन्ग्रेस नेताओं से स्वेच्छा से इस्तीफा देने और ज़मीनी स्तर पर मज़बूती पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया गया था।
    • सरकारी प्रशासन के पुनर्गठन के लिये उन्हें प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
    • उन्होंने वर्ष 1977 के लोकसभा चुनावों में जनता पार्टी को जीत दिलाई और प्रधानमंत्री बने। उनके कार्यकाल के दौरान, कानून के शासन को बनाए रखने के लिये 44 वाँ संशोधन अधिनियम, 1978 लागू किया गया था।

भारत क्रिटिकल मिनरल्स को सुरक्षित करने के लिये अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में वैश्विक साझेदारी का विस्तार कर रहा है।

मुख्य बिंदु:

  • भारत ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के नेतृत्व में  ताँबा-कोबाल्ट अन्वेषण के लिये ज़ाम्बिया में 9,000 वर्ग किमी क्षेत्र हासिल किया है, तथा 2-3 वर्षों में खनन अधिकार मिलने की उम्मीद है।
    • कनाडा और चीन के मौजूदा निवेश के साथ ज़ाम्बिया ताँबे के उत्पादन में 7 वें और कोबाल्ट उत्पादन में 14 वें स्थान पर है (वर्ष 2023)।
  • भारत क्रिटिकल मिनरल्स परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिये कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, तंज़ानिया, मोज़ाम्बिक और रवांडा के साथ वार्ता कर रहा है।
  • भारत पहले से ही दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना, चिली) और ऑस्ट्रेलिया में सक्रिय है, जहाँ खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) लिथियम और कोबाल्ट परिसंपत्तियों का अन्वेषण कर रहा है।
  • क्रिटिकल मिनरल्स वे खनिज हैं जो किसी देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हित के लिये महत्त्वपूर्ण हैं।
    • भारत ने 30 प्रमुख खनिजों की पहचान की है, जिनमें लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निकल और दुर्लभ मृदा तत्त्व (REE) शामिल हैं।

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