विविधता की समझ

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विविधता की समझ 

 

गैर बराबरी  – गैर बराबरी का मतलब है की कुछ लोगो के पास न अवसर है  न ही जमीन या पैसे जैसे संसाधन, जो दुसरो के पास है। इसलिए गरीबी और अमीरी विवधता का रूप नहीं है।  यह लोगो के बिच मौजूदा असमानता यानि गैर बराबरी है।

 

जाति व्यवस्था – असमानता का एक और उदहारण है।  इस बटवारे का आधार था लोग किस- किस तरह का काम करते है. किस जाति में पैदा होते है।

 

भारत में विविधता –  भारत विविधताओं का देश है यहाँ भिन्न त्यौहार , धर्म , भाषा , खान-पान , के लोग रहते है लेकिन वास्तव में हम गहराई से सोचे तो हम एक ही तरह की चीजे करते है केवल तरिके अलग है

 

विविधता के कारण –  प्राचीन काल में लोग युद्ध भोजन व अकाल अन्य कारण से एक इस्थान से दूसरे इस्थान चले जाते थे और यात्रा के साधन के आभाव में वही रहने लगते थे इस कारन वह वहाँ की संस्कृति ,भाषा को सिख लेते थे और अपनी पुरानी संस्कृति व नई संस्कृति के साथ सामंजस्य बना कर नई संस्कृति उभरने लगती थी

विविधता के लिए भौगोलिक कारक भी महत्त्वपूर्ण है जैसे , जलवायु , मृदा , मानसून, जल, मैदान , इत्यादि

लोग अपनी भौगोलिक परिस्थितियो  के अनुरूप व संस्कृति परम्पराओ को ढाल लेते है।

 

नेहरू की पुस्तक : भारत की खोज 

” यह बहुत ही गहरी है जिसके अंदर अलग- अलग तरह के विश्वास और प्रथाओ को स्वीकार करने की भावना है इसमें विवधता को पहचाना और प्रोत्साहन किया जाता है ”  

अनेकता में एकता का विचार – नेहरू द्वारा दिया गया है “

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