वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद – भारतीय पेट्रोलियम संस्थान ने ऊर्जा और ऊर्जा उपकरण थीम पर “एक सप्ताह, एक थीम” अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया

Favorite
LoadingAdd to favorites

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद – भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (सीएसआईआर-आईआईपी) ने आज आईआईपी देदरादून में ऊर्जा एवं ऊर्जा उपकरणों (ईईडी) के मुख्य विषय पर केंद्रित “एक सप्ताह, एक थीम” अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया।

2023 में सभी सीएसआईआर प्रयोगशालाओं द्वारा आयोजित ‘एक सप्ताह, एक लैब’ (ओडब्ल्यूओएल) कार्यक्रम की सफलता के बाद, माननीय मंत्री (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2024 में ‘एक सप्ताह, एक थीम’ कार्यक्रम के आयोजन का प्रस्ताव रखा। ओडब्ल्यूओटी कार्यक्रम का उद्देश्य सीएसआईआर प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित नवीन दृष्टिकोणों और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करना है, जो सीएसआईआर के आठ विषयों में से प्रत्येक पर केंद्रित हैं। प्रत्येक थीम का रोडमैप और गतिविधियाँ सार्वजनिक, निजी, रणनीतिक और सामाजिक लाभों की दिशा में पर्याप्त योगदान पर केंद्रित हैं।

ईईडी थीम ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करके देश की आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने और साथ ही संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस थीम में हाइड्रोजन, बैटरी (और अन्य ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियां), वैकल्पिक ईंधन (जैव ईंधन पर विशेष ध्यान देने के साथ), सौर और पवन (गैर-सिलिकॉन और अपतटीय प्रौद्योगिकियों पर विशेष जोर देने के साथ) शामिल हैं और कई सीएसआईआर प्रयोगशालाएं इस थीम में विभिन्न अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं।

ईईडी थीम का ओडब्ल्यूओटी अभियान 24 जून को सीएसआईआर-एनसीएल पुणे में शुरू किया गया था। थीम आधारित सप्ताह भर की गतिविधियों ने सीएसआईआर प्रयोगशालाओं में नवीन दृष्टिकोण और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित किया और तकनीकी सत्र, आउटरीच कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और मीडिया इंटरैक्शन जैसी विभिन्न गतिविधियां शामिल कीं।

सीएसआईआर-आईआईपी में 28 जून 2024 को आयोजित समापन समारोह ने ऊर्जा और ऊर्जा उपकरणों में दबाव वाली चुनौतियों के लिए नवीन समाधानों की गहन चर्चा, ज्ञान-साझाकरण और सहयोगी अन्वेषण के एक सप्ताह का समापन किया।

सीएसआईआर-आईआईपी के निदेशक डॉ. एच.एस. बिष्ट ने सीएसआईआर-आईआईपी द्वारा हाल ही में विकसित और सफलतापूर्वक व्यावसायीकरण की गई ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सीएसआईआर-आईआईपी नए उत्पाद, प्रक्रियाएं और प्रौद्योगिकियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो हमारे देश की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेंगी। इस अवसर पर सीएसआईआर-एनसीएल के निदेशक डॉ. आशीष लेले और थीम निदेशक ईईडी थीम ने बताया कि यह ग्रीन हाइड्रोजन, फोटोवोल्टिक बैटरी आदि के उपयोग और दोहन के लिए प्रौद्योगिकियों के विकास पर केंद्रित है। अपने संबोधन में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के निदेशक तकनीकी श्री राजीव अग्रवाल ने मैंगलोर रिफाइनरीज एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड में सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) के व्यावसायीकरण पर सीएसआईआर-आईआईपी और ईआईएल द्वारा किए जा रहे सहयोगात्मक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, 2जी इथेनॉल आदि सहित नए और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों और इन प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण में ईआईएल द्वारा की जा रही पहलों पर भी अपने विचार प्रस्तुत किए। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पेटकेम आरएंडडी के अध्यक्ष डॉ. एम.ओ. गर्ग ने प्रयोगशाला स्तर की प्रौद्योगिकियों को बाजार स्तर तक ले जाने में इंजीनियरिंग भागीदार के महत्व पर जोर दिया। तकनीकी सत्र के दौरान, भाग लेने वाली सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के प्रतिभागियों और वक्ताओं ने अपने चुनौतीपूर्ण शोध कार्य प्रस्तुत किए। सीएसआईआर-सीएसआईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई, सीएसआईआर-एनपीएल, सीएसआईआर-एनआईआईएसटी और सीएसआईआर-सीबीआरआई के वैज्ञानिकों ने ऊर्जा क्षेत्र में अपने कार्य प्रस्तुत किए।

Leave a Reply