आदरणीय अध्यक्ष महोदय! येसदनकासौभाग्यहैकिआपदूसरीबारइसआसनपरविराजमानहोरहेहैं।आपकोऔरइसपूरेसदनकोमेरीतरफसेमैंबहुत-बहुतबधाईदेताहूं। आदरणीय अध्यक्ष जी, मेरीतरफसेआपकोशुभकामनाएंहैंलेकिनइसपूरेसदनकीतरफसेभीआपकोअनेक-अनेकशुभकामनाएं।अमृतकालकेइसमहत्वपूर्णकालखंडमेंदूसरीबारइसपदपरविराजमानहोनाबहुतबड़ादायित्वआपकोमिलाहैऔरआपकापांचवर्षकाअनुभवऔरआपकेसाथहमलोगोंकामतलबपांचसालकाअनुभव, हमसबकाविश्वासहैकिआपआनेवालेपांचसालहमसबकामार्गदर्शनभीकरेंगेऔरदेशकीआशाऔरअपेक्षाएँपूर्णकरनेकेलिएइससदनमेंअपनादायित्वनिभानेमेंआपकीबहुतबड़ीभूमिकारहेगी। आदरणीय अध्यक्ष जी, हमारेशास्त्रोंमेंकहागयाहैकिविनम्रऔरव्यवहारकुशलव्यक्तिसफलसहजरूपसेहोताहैऔरआपकोतोउसकेसाथ-साथएकमिठ्ठी-मिठ्ठीमुस्कानभीमिलीहुईहै।आपकेचेहरेकोयेमिठ्ठी-मिठ्ठीमुस्कानपूरेसदनकोभीप्रसन्नरखतीहै।मुझेविश्वासहैआपहरकदमपरनएप्रतिमान, नएकीर्तिमानगढ़तेआएहैं। 18वींलोकसभामेंस्पीकरकाकार्यभारदूसरीबारसंभालनायेअपनेआपमेंएकनया-नयारिकॉर्डबनतेहमदेखरहेहैं।श्रीबलरामजाखड़जी, वोपहलेऐसेअध्यक्षथे, जिन्होंनेपांचसालकाकार्यकालपूराकरकेफिरदोबाराउनकोस्पीकरबननेकाअवसरमिलाथा।उसकेबादआपहैं, जिन्हेंपांचसालपूर्णकरनेकेबाददोबाराइसपदपरआसीनहोनेकाअवसरमिलाहै।गत 20 सालकाऐसाकालखंडरहाहैकिज्यादातरस्पीकरयातोउसकेबादचुनावनहींलड़ेहैं, यातोजीतकरकेनहींआएहैं।आपसमझसकतेहैंकिस्पीकरकाकामकितनाकठिनहैंकिउसकेलिएदोबाराजीतनामुश्किलहोजाताहै।लेकिनआपजीतकरकेआएहैं, इसकेलिएएकनयाइतिहासआपनेगढ़ाहै। आदरणीय अध्यक्ष जी, इससदनमेंज्यादातरहमारेसभीमाननीयसांसदआपसेपरिचितहैं, आपकेजीवनसेभीपरिचितहैंऔरपिछलीबारमैंनेइससदनमेंआपकेसंबंधमेंकाफीकुछबातेंरखीभीथीऔरमैंआजउसकोदोहरानानहींचाहताहूं, लेकिनमैंएकसांसदकेरूपमेंऔरहमसभीसांसदकेरूपमेंआपजिसप्रकारसेएकसांसदकेनातेकामकरतेहैं, येभीजाननेयोग्यहैऔरबहुतकुछसीखनेयोग्यहै।मुझेविश्वासहैकिआपकीकार्यशैली as…