अपतटीय खनिज क्षेत्रों की पहचान करने के नियम अधिसूचित

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  • खान मंत्रालय ने अपतटीय क्षेत्र (खनिज संसाधनों का अस्तित्व) नियम, 2024 अधिसूचित कर दिये हैं।
  • इन्हें अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2002 के अंतर्गत जारी किया गया है।
  • नियमों की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
    • उत्पादन पट्टे के लिये क्षेत्रों की पहचान:
      • उत्पादन पट्टा उस क्षेत्र हेतु दिया जा सकता है जिसके लिये:
        • कम-से-कम सामान्य अन्वेषण पूरा हो गया है
        • एक भू-वैज्ञानिक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की गई है।
    • समग्र लाइसेंस के लिये क्षेत्रों की पहचान:
      • समग्र लाइसेंस उस क्षेत्र हेतु दिया जा सकता है जिसके लिये:
        • कम-से-कम सर्वेक्षण पूरा हो चुका है या मौजूदा भूविज्ञान डेटा के आधार पर खनिज ब्लॉक की खनिज क्षमता की पहचान कर ली गई है, लेकिन संसाधनों का पता लगाना अभी बाकी है।
        • एक भूवैज्ञानिक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की गई है।
    • समग्र लाइसेंस के लिये किसी क्षेत्र को अधिसूचित करने हेतु आवेदन:
      • उपरोक्त उल्लिखित मानदंडों के आधार पर केंद्र सरकार समग्र लाइसेंस प्रदान करने के लिये क्षेत्रों को अधिसूचित करेगी।
      • कोई भी इच्छुक व्यक्ति समग्र लाइसेंस प्रदान करने के लिये किसी क्षेत्र को अधिसूचित करने हेतु सरकार को प्रस्ताव भी प्रस्तुत कर सकता है।

अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन लाइसेंस प्रदान करने हेतु नए नियम अधिसूचित

  • केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (Central Electricity Regulatory Commission- CERC) ने CERC (ट्रांसमिशन लाइसेंस प्रदान करने की प्रक्रिया, नियम और शर्तें तथा अन्य संबंधित मामले) विनियम, 2024 अधिसूचित कर दिये हैं।
  • यह विधेयक अंतर-राज्यीय विद्युत पारेषण के लिये लाइसेंस प्रदान करने और प्रशासन हेतु रूपरेखा प्रदान करता है।
  • 2024 विनियमों के अंतर्गत प्रमुख परिवर्तन निम्नलिखित हैं:
    • कुछ प्रयोजनों के लिये छूट:
      • वितरण लाइसेंसधारियों और थोक उपभोक्ताओं को अपनी प्रणालियों को अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली से जोड़ने वाली पारेषण लाइनों को विकसित करने तथा संचालित करने के लिये लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।
      • थोक उपभोक्ता से तात्पर्य उन उपभोक्ताओं से है, जो 33 KV या उससे अधिक वोल्टेज पर आपूर्ति प्राप्त करते हैं।
    • मौजूदा लाइसेंस के तहत अतिरिक्त कार्यों के लिये प्राधिकरण:
      • इसमें ऐसे अतिरिक्त कार्यों को मौजूदा लाइसेंस के अंतर्गत शामिल करने का प्रावधान है।
      • लाइसेंसधारक इस प्रयोजन के लिये मौजूदा लाइसेंस में संशोधन हेतु CERC को आवेदन कर सकता है।

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