
Add to favorites- 18वीं लोकसभा के चुनाव के परिणाम 4 जून, 2024 को घोषित किये गये और 543 निर्वाचन क्षेत्रों से 41 दलों के सदस्य चुने गये।
- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance- NDA) ने श्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर सरकार बनाई।
राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियाँ
- भारत के राष्ट्रपति ने 27 जून, 2024 को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।
- अभिभाषण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- अर्थव्यवस्था: 10 वर्षों में भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से बढ़कर विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सरकार भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिये प्रयासरत है।
- उद्योग: सेमीकंडक्टर से लेकर लड़ाकू जेट और विमानवाहक पोत तक के उभरते क्षेत्रों को मिशन मोड में बढ़ावा दिया जा रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र मेड-इन-इंडिया चिप्स (Made-in-India Chips) का केंद्र बनेगा।
- रक्षा: पिछले वर्ष रक्षा खरीद का लगभग 70% हिस्सा भारतीय निर्माताओं से लिया गया। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा गलियारे विकसित किये जा रहे हैं।
- बुनियादी ढाँचा और परिवहन: उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिये व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। सरकार लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।
- शहरी एवं ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन करोड़ घरों के निर्माण को मंज़ूरी दी गई है।
- गृह मंत्रालय: सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम, 1958 को चरणबद्ध तरीके से पूर्वोत्तर के अशांत क्षेत्रों से हटाया जा रहा है।
सिनेमैटोग्राफ (दंड अधिनिर्णय) नियम, 2024
- सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सिनेमैटोग्राफ (दंड अधिनिर्णय) नियम, 2024 को अधिसूचित किया।
- नियमों की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति:
- केंद्र और राज्य सरकारें दंड निर्धारण के लिये प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त कर सकती हैं।
- केंद्र सरकार के मामले में प्राधिकृत अधिकारी अवर सचिव के पद से नीचे का नहीं होना चाहिये।
- राज्य सरकारों के मामले में अधिकारी निम्न पद से नीचे नहीं होने चाहिये:
- अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट
- अतिरिक्त कलेक्टर
- ज़िले के अतिरिक्त उपायुक्त
- राज्य सरकार के अवर सचिव
- ज़ुर्माना लगाना:
- ज़ुर्माने की राशि निम्नलिखित निर्दिष्ट कारकों पर विचार करने के बाद तय की जाएगी:
- उल्लंघन की प्रकृति।
- अनुपातहीन लाभ या लाभ की मात्रा।
- उल्लंघन की पुनरावृत्ति।
- ज़ुर्माना तय करने का आदेश नोटिस जारी करने के 90 दिनों के भीतर पारित किया जाना चाहिये।
- ज़ुर्माने की राशि निम्नलिखित निर्दिष्ट कारकों पर विचार करने के बाद तय की जाएगी:
- प्राधिकृत अधिकारी की शक्तियाँ:
- प्राधिकृत अधिकारी उल्लंघनों की जाँच करने के लिये कुछ शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। इनमें शामिल हैं:
- प्रदर्शनी स्थल में प्रवेश करना (या किसी अन्य अधिकारी को प्रवेश करने के लिये प्राधिकृत करना)
- व्यक्तियों को बुलाना (लिखित रूप में)
- प्रासंगिक माने जाने वाले साक्ष्य, जैसे निगरानी फुटेज और टिकट स्कैन के लिये आदेश।
- प्राधिकृत अधिकारी उल्लंघनों की जाँच करने के लिये कुछ शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। इनमें शामिल हैं:
- अपील प्रक्रिया:
- अपीलीय प्राधिकारी निम्न पद का अधिकारी नहीं होना चाहिये।
- उप सचिव या निदेशक, जहाँ प्राधिकृत अधिकारी अवर सचिव स्तर का हो
- ज़िला मजिस्ट्रेट, जहाँ प्राधिकृत अधिकारी अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट स्तर का होगा।
- अपील प्राधिकृत अधिकारी द्वारा आदेश दिये जाने के 30 दिनों के भीतर दायर की जानी चाहिये।
- अपीलीय प्राधिकारी को, जहाँ भी संभव हो, अपीलों का निर्णय छह माह के भीतर करना होगा।
- अपीलीय प्राधिकारी निम्न पद का अधिकारी नहीं होना चाहिये।
- प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति:
भारत में फोरेंसिक बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने की योजना
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2,254 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ नेशनल फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर एन्हांसमेंट स्कीम (National Forensic Infrastructure Enhancement Scheme) को मंज़ूरी दी।
- इसे वर्ष 2024-25 से 2028-29 के बीच क्रियान्वित किया जाएगा।
- इस योजना में निम्नलिखित शामिल होंगे:
- देश में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (National Forensic Sciences University- NFSU) के परिसर स्थापित करना
- केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएँ स्थापित करना
- NFSU के दिल्ली परिसर के मौजूदा बुनियादी ढाँचे को बढ़ाना।
- इस योजना का उद्देश्य देश में प्रशिक्षित फोरेंसिक जनशक्ति की कमी को दूर करना तथा 90% से अधिक दोषसिद्धि दर हासिल करने में मदद करना है।