ईरान का शाहिद राजाई बंदरगाह

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ईरान के शाहिद राजाई बंदरगाह पर एक भीषण विस्फोट होने से भीषण आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग मारे गए और कई घायल हुए।

  • यह विस्फोट संभवतः सोडियम परक्लोरेट के कारण हुआ था जो बैलिस्टिक मिसाइलों में इस्तेमाल किया जाने वाला रसायन है।

शाहिद राजाई बंदरगाह:

  • रणनीतिक अवस्थिति: यह ईरान का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत वाणिज्यिक बंदरगाह है।
    • यह रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है जहाँ से होकर विश्व के लगभग 26% तेल का आवागमन होता है।
    • इसके द्वारा ईरान के 85% कंटेनर कार्गो, 52% तेल व्यापार तथा आधे से अधिक समुद्री कार्गो का प्रबंधन होता है।
    • यह अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) पर स्थित है जो हिंद महासागर और फारस की खाड़ी को कैस्पियन सागर, रूस और उत्तरी यूरोप से जोड़ता है।
  • ऐतिहासिक लिंक: शहीद राजाई बंदरगाह पहली बार वर्ष 1985 में ईरान-इराक युद्ध के दौरान खोला गया था और पिछले कुछ वर्षों में इसका लगातार विस्तार हुआ है।
  • वर्तमान आकार: यह बंदरगाह अब 4,800 हेक्टेयर में विस्तारित है जिसका आधा क्षेत्र अभी भी विकासाधीन है।
  • भू-राजनीतिक निहितार्थ: इस घटना से मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की ओर ध्यान (विशेष रूप से क्षेत्रीय ऊर्जा गतिशीलता में ईरान की भूमिका के संबंध में) आकर्षित होता है।

 

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