
Add to favorites
इंटीग्रेटेड कोर्स को आईटीईपी में बदलाव की प्रक्रिया जारीएजुकेशन रिपोर्टर | जोधपुरराष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने दोवर्षीय बीएड कोर्स को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्समें बदलने का मौका दिया है। चार वर्षीय इंटीग्रेटेडबीएड कोर्स में बीए-बीएड, बीएससी बीएड शामिल हैवहीं इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को भी इंटीग्रेटेड टीचर्सएज्युकेशन (आईटीईपी) में बदलने की प्रक्रिया भीजारी है। एनसीटीई ने कॉलेजों को 26 मार्च तक केलिए मौका दिया है। चार वर्षीय बीएड कोर्स की मान्यतालेने के लिए जरूरी है कि जो पहले से सिर्फ बीएडकोर्स करा रहे थे। वे अपने शिक्षण संस्थानों में बीए याबीएससी में से किसी एक विषय की पूरी पढ़ाई के लिएजरूरी शिक्षकों व संसाधन की व्यवस्था करेंगे। तभीएनसीटीई के द्वारा उन्हें नामांकन की मान्यता प्रदान कीजाएगी। एनसीटीई की टीम मान्यता से पहले कॉलेजका विजिट करेगी, तभी उन्हें मान्यता प्रदान की जाएगी।2030 के बाद चार वर्षीय आईटीईपीबीएड से ही शिक्षकनई शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2030 के बाद चार वर्षीयबीएड कोर्स ही शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य अर्हताहोगी। चार वर्षीय बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स पायलट प्रोजेक्टके तहत देशभर के कई राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय संस्थानोंमें शुरू किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत आगेस्कूलों में पढ़ाई होगी, उसको ध्यान में रखकर उसकाकरिकुलम भी तैयार किया गया है। अब जो संस्थानउसकी मान्यता लेंगे, उन्हें वही करिकुलम फॉलो भीकरना होगा। नया करिकुलम फाउंडेशन, प्रीपरेटरी,मिडिल और सेकेंडरी एजुकेशन को ध्यान में रखकरतैयार किया गया है। अब बीएड में इसी के अनुसारशिक्षक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमेंछात्रों का स्नातक और बीएड एक साथ पूरा हो जाएगा।एक वर्ष का समय भी बचेगा।
